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Showing posts from December, 2017

शोक संदेश, ग्राम खेजड़िया, दिनांक - 16 दिसम्बर 2017

शोक शन्देस ग्राम खेजड़िया अत्यंत दुःख के साथ सूचित करने में आता हे की ग्राम खेजड़िया में आज दिनाक 16 12 2017 शनिवार को अभी रात्रि 3 बजे राधेलाल गोरेलाल के पिताजी व अनिल रघुवीर भोजराज ...

शोक संदेश, ग्राम - पट लावदा, दिनांक - 16/12/2017

शोक संदेश दिनांक 16/12/2017 पटलावदा अत्यंत दुख के साथ सूचित करने में आता है कि हमारे यहां लक्ष्मी नारायण जी के पूजनीय पिताजी  श्री रामप्रसाद जी का स्वर्गवास हो गया है अंतिम संस्क...

शोक संदेश - बदलपुर - 15 दिसंबर

शोक संदेश दिनांक 15,12,2017 अत्यंत दुख के साथ सूचित किया जाता है की हमारे ग्राम बदलपुर में श्री भेरूलाल जी परमार की छोटी पुत्र वधु का आकस्मित निधन हो गया है जिनका अंतिम संस्कार अभी ...

शोक संदेश : हडलाय कला - 14 दिसंबर 2017

गांव _ हडंलाय कलां दिनांक  14/12/2017 अत्यंत दुःख के साथ सूचित करने मे आता है की पटेल साहब लक्षमण सिंह जी (व्यापारी साहब) की धर्म पत्नी एवं श्री हरिनारायण जी,भाई  मनोहर सिंह(अध्यापक) भ...

राजा भोज - Complete Information About Raja Bhoj The Great Malwa Ruler

|| राजा भोज || अधिकतम शेयर करे इस पोस्ट को राजाभोज परमार वंश के नवे राजा थे परमार वन्शीय राजाओ ने मालवा की राजधानी धारानगरी (धार) से आठवी शताब्दी से लेकर चौदहवी शताब्दी के पुर्वार्ध तक राज्य किया था राजा भोज परमार जिनसे बडा राजपूत क्षत्रिय राजा पिछले एक हजार वर्षो में नहीं हुआ । राजा भोज का जन्म मध्य प्रदेश के मालवा राज्य की एतिहासिक नगरी उज्जैन में हुआ । उनके पिता का नाम सिंधुराज था । राजा भोज बचपन से ही विद्वान थे उन्होंने महज 8 वर्ष की उम्र में संपूर्ण वेद पुराण का ज्ञान प्राप्त कर लिया था । राजा भोज जब 15 वर्ष के थे तब उन्हें मालवा का राजा बनाया गया राजा भोज जब सिंहासन पर बैठे तब उन्होंने पुरे देश का मानचित्र देखा और यह भी देखा की देश 57 भागों में बंटा हुआ था उस समय राजा भोज ने अंखड भारत को एक करने का बिढा उठाया राजा भोज ने भारतवर्ष के सभी राजाओं को संदेश भेजा की सभी देशवासियों को एक हो कर देश को बचाना ही होगा तब कई राजाओं ने राजा भोज का विरोध किया तब राजा भोज ने देश धर्म की रक्षा के लिए तलवार उठाई और तब जन्म हुआ इतिहास के सबसे बडे योद्धा राजा भोज का। राजा भोज ने अपने जीवन में...